धर्मदत्त झा(बच्चा झा)- संक्षिप्त जीवनी

धर्मदत्त झा(बच्चा झा) (1860 ई.-1918 ई.)

मधुबनी जिलांतर्गत लवाणी (नवानी) गाममे हिनकर जन्म भेलन्हि।

पं. रत्नपाणि झाक पुत्र  बच्चा झाकेँ अपर गङ्गेश उपाध्याय सेहो कहल जाइत अछि। हिनकर प्रारम्भिक अध्ययन गामे पर भेलन्हि। तकरा बाद ओ’ विश्वनाथ झासँ अध्ययनक हेतु ‘ठाढ़ी’ गाम चलि गेलाह। फेर बबुजन झा आ’ ऋद्धि झासँ न्यायदर्शनक विधिवत अध्ययन कएलन्हि। बच्चा झा काशी गेलाह। ओतय स्वामी विशुद्धानन्द सरस्वतीसँ मीमांसा, वेदान्तक अध्ययन कएलन्हि।

काशी में (वाराणसी) शिक्षा ग्रहण करबाक बाद गाम आबि गेलाह आ शारदा भवन विद्यापीठक स्थापना गामेमे कएलन्हि। गुरुकुल पद्धति सँ एतय संन्यासी आ गृहस्त दुनु प्रकारक शिक्षा दैत छलाह। गुरुकूलक ,तथा विद्यार्थीक सम्पुर्ण आवश्कताक व्यय स्वयं करैत छलाह। हिनक सदत प्रयाश रहल जे गामहिं में रहि मिथिलाक  आ मैथिलिक सेवा करि आ,मिथिलाक गुरुकुल पंरपरा के जीवित राखि ,। बच्चा झा स्वाभिमानक प्रति रुप छलाह । महाराजाधिराज  दरभंगा नरेश श्री रमेश्वरसिंहक अकाट्य आग्रहक कारणसँ मुजफ्फरपुरक धर्म समाज संस्कृत कॉलेजक प्रधानाचार्यक पद स्वीकार कएलन्हि ,किंतु वर्षक अतं में ओ अपन नस्वर शरीर के छोड़ी पंचतत्व में विलिन भए गेलाह ।

संस्कृत में हिनक कृत बहुतो अछि जाहिमें –

1. सुलोचन-माधव चम्पू काव्य,

2.न्यायवार्त्तिक तात्पर्य व्याख्यान,

3.गूढ़ार्थ तत्त्वलोक(श्री मदभागवतगीता व्याख्याभूत मधुसूदनी टीका पर)

4.व्याप्तिपंचक टीका

5.अवच्छदकत्व निरुक्त्ति विवेचन

6.सव्यभिचार टिप्पण

7.सतप्रतिपक्ष टिप्पण

8.व्याप्तनुगन विवेचन

9.सिद्धांत लक्षण विवेक

10.व्युत्पत्तिवाद गूढार्थ तत्वालोक

11.शक्त्तिवाद टिप्पण

12.खण्डन-ख़ण्ड खाद्य टिप्पण

13. अद्वैत सिद्धि चन्द्रिका टिप्पण

14.कुकुकाञ्जलि प्रकाश टिप्पण।

— रूबी झा

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